अगले दिन सुबह हम लोग इस्कोन टेम्पल गए थे ,
हरे कृष्णा हरे कृष्णा , कृष्णा कृष्णा , हरे हरे
हरे राम हरे राम , राम राम हरे हरे |
इस मंत्र का वहा संकीर्तन सुबह से शाम तक चलता रहता है |
एक अलग ही माहोल होता है वहा , लगता है झूमते रहो , भगवन के नाम में खो जाओ |
वह फोटो के लिए अनुमति है , ये फोटो बाहर दीवार के है | हम लोगो ने वह बहुत से फोटो लिए थे |
वृन्दावन मंदिरों का शहर है , बहुत से मंदिर है वहा , कुछ मंदिर देखने से रह ही जाते है , हम लोग टेड़े खभे के मंदिर भी गए थे , पर दर्शन बंद थे |
वृन्दावन से हम लोग गोकुल की तरफ गए , गोकुल कान्हा का घर , जहा की कुञ्ज गलियों में कान्हा खेला करते थे , गलियों में जाकर नन्द का महल है , पर वहा पण्डे बहुत है जो आपसे पैसे ऐठने के चक्कर में रहते है |
दीवारों पर कितनी प्यारी चित्रकारी की गयी है |
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