कई सालो बाद २६ से ३० अगस्त तक चंडीगढ़ में ट्रेनिंग करने का मौका लगा .. उससे पहले एक बार अर्चना को लेकर गया था ट्रेनिंग में.. , बहुत पुराणी बात हो गयी तब तो बच्चे भी नहीं थे ..| पर इस बार अकेला ही गया था .. बच्चो के टेस्ट चल रहे थे ..

सुबह सुबह चंडीगढ़ पंहुचा .. लगा पहली की तरह है .. वही साफ़ सुथरी सड़के | देख कर अच्छा लगा |


वहां जिम भी था और खेलने के लिए टेबल टेनिस भी .. पर समय नहीं था | सुबह आरम से उठना .| आदत कहा छूटती है |




सुकना लेक .. अर्चना के साथ भी वहां गया था .. वोटिंग भी करी थी | पर इस बार दुसरो को वोटिंग करते हुए देखा | चेहरे बदल जाते है पर स्वभाव नहीं बदलता .. |
जीवन को जीना भी एक कला है जीवन जीने के लिए ही होता है .. और इसे खुसी के साथ ही जीना चाहिए | वहा घुमते हुए कब समय निकल जाता है पता ही नहीं चलता |


एक दिन वह बारिश शुरू हो गयी | सभी लोग एक छोटे से स्टाल के नीचे खड़े थे कुछ बरसात में भीग रहे थे .. वह हाथ से आपके स्केच बनाने वाले भी मिल जाते है मैंने वहा भीगते हुए आइस क्रीम खायी थी |