Thursday, 18 October 2012
Wednesday, 10 October 2012
10 OCTOBER 2012, HINDI KAVITA
आज कुमार विश्वास की कविता सुनी ,
कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है!
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है!!
मैं तुझसे दूर कैसा हूँ तू मुझसे दूर कैसी है!
ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है!!
मोहब्बत एक अहसासों की पावन सी कहानी है!
कभी कबिरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है!!
यहाँ सब लोग कहते हैं मेरी आंखों में आँसू हैं!
जो तू समझे तो मोती है जो ना समझे तो पानी है!!
समंदर पीर का अन्दर है लेकिन रो नही सकता!
यह आँसू प्यार का मोती है इसको खो नही सकता!!
मेरी चाहत को दुल्हन तू बना लेना मगर सुन ले!
जो मेरा हो नही पाया वो तेरा हो नही सकता!!
भ्रमर कोई कुमुदुनी पर मचल बैठा तो हंगामा!
हमारे दिल में कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामा!!
अभी तक डूब कर सुनते थे सब किस्सा मोहब्बत का!
मैं किस्से को हकीक़त में बदल बैठा तो हंगामा!!
बहुत अच्छी लगी , मैंने नेट पर सर्च किया तो हिंदी कविता का एक बहुत अच्छा लिंक मिला
मेरी चुनाव में ड्यूटी आई है , कल ट्रेनिंग है परसों मूव होना है , यहाँ भगतपुर टांडा है, वही पर ड्यूटी है | आज बच्चो के एक्जाम खतम हो गए है |