Saturday, 29 September 2012
Monday, 17 September 2012
18 Sep 2012
पूर्वी को निमोनिया हो गया है , बहुत परेशान है कल से वो , कल पूरी रात सो नहीं पायी , कल डॉक्टर को दिखाया था पर अभी आराम नहीं है , आज सुबह भी डॉक्टर को दिखा का आया हूँ, अब तो आराम लग रहा है , कोस्तुभ आज अकेले स्कूल गया है , उसकी दीदी नहीं गयी , कोस्तुभ बहुत बोलने लगा है उसके पास हर बात का जवाब है पर उतना मन पडाई में नहीं लगाता , कशी की सांस फूल रही है , डर लगता है कही बीमारी गंभीर न हो जाये |
कोस्तुभ की एक तस्वीर पोस्ट कर रहा हूँ , hair cutting की |
Wednesday, 12 September 2012
Tuesday, 11 September 2012
11–09–2012, Some more Blogs
ओशो एक ऐसा नाम जो अपने बिचारो से सबको अपनी तरफ आकर्षित करता है ओशो के विचारों के लिए ब्लॉग
Monday, 10 September 2012
11 अगस्त २०१२ ब्लॉग की दुनिया
आजकल में नेट पर कई तरह के ब्लोग्स देख रहा हूँ, खासकर हिंदी के , ब्लॉग बास्तव में एक अलग दुनिया है जहाँ पड़ने के लिए बहुत कुछ है , आज मैंने एक नयी एप्लीकेशन स्टाल करी है, window live writer , इसका प्रयोग करके आप ब्लोग्स को M.S. Word की तरह लिख सकते है | इसमें और भी अलग अलग applications है , देखते है और क्या नया सीखा जा सकता है |
कोस्तुभ आज अपने स्कूल की तरफ से घूमने गया है , प्रेम वंडर लैंड , कल पूर्वी गयी थी |
Tuesday, 4 September 2012
4-09-2012 -- नयी हिंदी वेबसाइट
आज एक नयी वेबसाइट दिखी है , हिंदी में है उसमे चुटकुले , कविताये , कहानिया बहुत कुछ है | उसका लिंक पोस्ट कर रहा हूँ --
- ‘शोले’ फिल्म की बहुत तारीफ सुनकर सड़क पर घूमने वाले दो कुत्ते भी फिल्म देखने पहुंचे।
मगर फिल्म पूरी खत्म होने से पहले ही वे नाराज होकर चले आए।
बाहर उनके एक साथी कुत्ते ने पूछा, ‘क्या हुआ? पूरी फिल्म क्यों नहीं देखी?’
‘यार, फिल्म का हीरो कह रहा था- बसंती, इन कुत्तों के सामने मत नाचना।’ - दो कुत्ते पहली बार फिल्म देखने गए।
सिनेमाहाल में धर्मेंद्र की फिल्म लगी थी।
फिल्म शुरु हो चुकी थी।
पहले कुत्ते ने अपने दोस्त को टिकट देकर हाल में जाने को कहा।
वह खुद भी हॉल की तरफ बढ़ा तभी दूसरा कुत्ता वापस भागता हुआ नजर आया।
‘क्या हुआ?’ पहला कुत्ता भौंका।
‘अरे यार, जल्दी से भागो… अभी मैं हाल के भीतर गया था तो वहां से आवाज आ रही थी ‘कुत्ते मैं तेरा खून पी जाऊंगा!’
Sunday, 2 September 2012
03-09-2012 लखनऊ विजिट --
कल मैं लखनऊ में था , हम लोगो की मीटिंग थी , अपनी समस्याओ को अपने अधिकारियो तक पहुचाने के लिए और आपस में मिलने के लिए | जब में सुबह 10 बजे लखनऊ पंहुचा तो बहुत जोर से हवा चल रही थी , मैंने सोचा की गोमती नगर में लोहिया पार्क पंहुचा जाये जहा मीटिंग थी , मैं जैसे ही ऑटो में बैठा बहुत तेज बारिश शुरू हो गयी , जब लोहिया पार्क पंहुचा बारिश तेज थी , मैं बस स्टोपेज पर खड़ा रहा | लखनऊ की रोड बहुत चोडी हो गयी है , मायावती जी ने लखनऊ में बहुत काम कराया था | जो दिखाई भी देता है , रोड के दोनों तरफ पैदल चलने वालो के लिए फूटपाथ , पार्क पुल और भी बहुत कुछ |
बारिश में मैंने देखा एक लड़का बाईक चला रहा है और उसके पीछे बैठे लडका अपने दोनों हाथ हवा में करके मोटरसाइकिल पर खड़ा हो गया , क्या सीन था..!
मैं लोहिया पार्क भी गया पर जल्दी लौट आया वहा पर सब लवर्स घूम रहे थे , जो वहाँ की शान्ति का मजा ले रहे थे |
फिर मीटिंग स्टार्ट हुई , वही लंच किया और फिर 4:30 की ट्रेन से घर बापसी , घर पर १२ बजे पंहुचा था , बाईक स्टेशन पर ही थी तो आने में कोई दिक्कत नहीं हुई |
