Thursday, 23 January 2014

गोवेर्धन

हर फोटो की एक कहानी होती है , वो कहा ली गयी , बहुत कुछ कहती है तस्वीरे |

PC230052OLYMPUS DIGITAL CAMERA

गोवेर्धन जहा भगवन कृष्णा ने इंद्र भगवन का घमंड चूर किया था | इस बार वह की परिक्रमा कार से लगायी थी | एक बार पैदल भी लगा चूका हूँ | बहुत श्रधा है वहा |

PC230105OLYMPUS DIGITAL CAMERA

बच्चों ने पूरी ट्रिप में खूब मस्ती करी , तीनो एक साथ खूब खेले | वृन्दावन और गोवेर्धन में कमरों में टीवी नहीं था , बच्चो पर बहुत समय था खेलने के लिए |

OLYMPUS DIGITAL CAMERA         OLYMPUS DIGITAL CAMERA

अर्चना का मन था की वो पैदल ही परिक्रमा करे पर वो भी थकी हुई थी , हम लोगो ने वह दोपहर का भोजन किया , दान घाटी में रुके , मानसी गंगा देखि , कुसुम सरोवर देखा |

PC240136OLYMPUS DIGITAL CAMERA

वहा फोटोग्राफी भी की थी , मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगा , मंदिर में भीड़ कम थी और हमको शाम की आरती भी मिली |

OLYMPUS DIGITAL CAMERA                              OLYMPUS DIGITAL CAMERA

मानसी गंगा बह रही थी , आरती हो रही थी बहुत अच्छा माहोल था |

PC240137

मथुरा वृन्दावन

अगले दिन सुबह हम लोग इस्कोन टेम्पल गए थे ,

हरे कृष्णा हरे कृष्णा , कृष्णा कृष्णा , हरे हरे

हरे राम हरे राम , राम राम हरे हरे |

इस मंत्र का वहा संकीर्तन सुबह से शाम तक चलता रहता है |

PC230080OLYMPUS DIGITAL CAMERA

एक अलग ही माहोल होता है वहा , लगता है झूमते रहो , भगवन के नाम में खो जाओ |

OLYMPUS DIGITAL CAMERA                       OLYMPUS DIGITAL CAMERA

वह फोटो के लिए अनुमति है , ये फोटो बाहर दीवार के है | हम लोगो ने वह बहुत से फोटो लिए थे |

OLYMPUS DIGITAL CAMERA         OLYMPUS DIGITAL CAMERA

वृन्दावन मंदिरों का शहर है , बहुत से मंदिर है वहा , कुछ मंदिर देखने से रह ही जाते है , हम लोग टेड़े खभे के मंदिर भी गए थे , पर दर्शन बंद थे |

PC240114PC240116

वृन्दावन से हम लोग गोकुल की तरफ गए , गोकुल कान्हा का घर , जहा की कुञ्ज गलियों में कान्हा खेला करते थे , गलियों में जाकर नन्द का महल है , पर वहा पण्डे बहुत है जो आपसे पैसे ऐठने के चक्कर में रहते है |

PC230074PC230081

दीवारों पर कितनी प्यारी चित्रकारी की गयी है |

मथुरा वृन्दावन

अर्चना तो अगले दिन सुबह सुबह ही जन्मभूमि चली गयी , चारो तरफ कोहरे के एक चादर तानी थी, ठंडी ठंडी हवाए चल रही थी , पर उसे कौन रोक सकता है |

OLYMPUS DIGITAL CAMERA         OLYMPUS DIGITAL CAMERA

वह से हम लोग वृन्दावन के लिए चले | सबसे पहले रंगनाथ भगवन के मंदिर ही पहुचे थे , वही गाडी पार्क कर दी थी और दर्शन किये , फिर बांके  बिहारी जी के दर्शन , पहली बार कम भीड़ में दर्शन किये , वरना वह हमेशा बहुत भीड़ रहती है |

OLYMPUS DIGITAL CAMERA         PC230073

उसके बाद राधा बल्लभ , वह कशिश की चप्पल कोई ले गया , उसके बाद निधि बन |

OLYMPUS DIGITAL CAMERA         OLYMPUS DIGITAL CAMERA

फिर रंग्नाथ्जी के मंदिर , फिर दोपहर का खाना और उसके बाद अगरवाल भवन जो अंग्रेजो के मंदिर के पास है वहा आराम |

OLYMPUS DIGITAL CAMERA                         OLYMPUS DIGITAL CAMERA

शाम को वेश्नो देवी मंदिर तथा प्रेम मंदिर , जो देखने लायक है |

OLYMPUS DIGITAL CAMERA                      OLYMPUS DIGITAL CAMERA

प्रेम मंदिर अपनी रंग बदलती हुई लाइट के लिए फेमस है | वह मंदिर का रंग बदलता रहता है | वह बहुत विशाल झाकिया है जो बिलकुल जीवित लगती है |

OLYMPUS DIGITAL CAMERA                OLYMPUS DIGITAL CAMERA

कृष्णा भगवन , गोवेर्धन पर्वत उठा रहे है , बहुत अच्छी झाकी है |

OLYMPUS DIGITAL CAMERA                                          OLYMPUS DIGITAL CAMERA

प्रेम मंदिर में जमीन बहुत ठंडी हो रही थी , पैर नहीं रखा जा रहा था , पर वह घूमने में मजा आ रहा था | वेश्नो देवी मंदिर में कैमरा ले जाने की अनुमति नहीं है |

मथुरा वृन्दावन यात्रा

पिछले महीने दिसम्बर के अंत में हिमकर जी के साथ मथुरा वृन्दावन का प्रोग्राम बन गया , लग रहा था ठण्ड बहुत है ,पर मौसम अच्छा था वह पर , और सभी दर्शन बहुत अच्छी तरेह से हुए |

PC230018OLYMPUS DIGITAL CAMERA

अकेले घूमने से किसी के साथ घूमने का ज्यादा मजा है , ये बात भी सीखने को मिली |

OLYMPUS DIGITAL CAMERA                OLYMPUS DIGITAL CAMERA

कौस्तुभ तो शैतानी करता ही है पर कशिश अपना सहयोग करती है | रास्ते में तीनो बच्चे आगे बैठने के लिए आग्रह करते रहे | परी हिमकर जी की बेटी है |

OLYMPUS DIGITAL CAMERA

गांधीजी के तीन बंदर , बुरा न देखो , बुरा न सुनो , बुरा न कहो | रंगनाथ भगवन के मंदिर में |

PC230026OLYMPUS DIGITAL CAMERA

यारियां | अच्छी मूवी है |

OLYMPUS DIGITAL CAMERA                       OLYMPUS DIGITAL CAMERA

जमुना किनारे बच्चो के साथ | रेता में |

सबसे पहले हम लोग मथुरा गए थे | बिलकुल जन्मभूमि के सामने रुके थे | जन्मभूमि में दर्शन बहुत अच्छे हुए थे |