आज मम्मी को बन्दर ने दांत लगा दिए , मम्मी चाची के साथ यहाँ आई हुई है , दोनों बेल पत्र तोड़ने के लिए अकेले ही हॉस्टल की तरफ चले गए थे , वहां बन्दर ने मम्मी के हाथ मई दांत लगा दिए , किसी स्टूडेंट ने कहा तो मम्मी विवेकानंद हॉस्पिटल दिखने चली गयी , वहां लंबी लाइन देखकर जब घर आई तब अर्चना ने फोन से मुझे बताया , मैं दिखाने गया तो डॉक्टर ने एक टिटनेस और रेबीज का इंजेक्शन तो लगा दिया अभी ४ और लगने है | वैसे मम्मी ठीक है पर मुझे दुःख हो रहा है की मम्मी को बेकार मई तकलीफ हो गयी |
हम लोगो ने इस बार कशिश का बर्थडे १८ को बनाया था, एक दिन पहले , क्योकि उस दिन सन्डे था, छुट्टी का दिन , पूरा काम मम्मी और चाची ने ही देखा था, कशिश के बड़े मामा भी आये थे | प्रोग्राम अच्छा हो गया था |