हर फोटो की एक कहानी होती है , वो कहा ली गयी , बहुत कुछ कहती है तस्वीरे |
गोवेर्धन जहा भगवन कृष्णा ने इंद्र भगवन का घमंड चूर किया था | इस बार वह की परिक्रमा कार से लगायी थी | एक बार पैदल भी लगा चूका हूँ | बहुत श्रधा है वहा |
बच्चों ने पूरी ट्रिप में खूब मस्ती करी , तीनो एक साथ खूब खेले | वृन्दावन और गोवेर्धन में कमरों में टीवी नहीं था , बच्चो पर बहुत समय था खेलने के लिए |
अर्चना का मन था की वो पैदल ही परिक्रमा करे पर वो भी थकी हुई थी , हम लोगो ने वह दोपहर का भोजन किया , दान घाटी में रुके , मानसी गंगा देखि , कुसुम सरोवर देखा |
वहा फोटोग्राफी भी की थी , मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगा , मंदिर में भीड़ कम थी और हमको शाम की आरती भी मिली |
मानसी गंगा बह रही थी , आरती हो रही थी बहुत अच्छा माहोल था |
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