आज कुछ फोटो फिर से अपलोड कर रहा हूँ , आज कशिश के कान का एक पतला से कुंडल खो गया है , सोना आखिर सोना ही है चाहे कितना भी पतला क्यों न हो, पर ज्यदा सोचने से कुछ फायदा नहीं है, मिलेगा तो नहीं पर दुःख जरूर होगा | जीवन का यही उसूल होना चाहिए, गलत बातो को भूल जाओ और अच्छी बातो को याद रखो |
सर्दी ज्यादा हो रही थी अभी एक दिन तो अर्चना रजाई में टीवी देख रही थी, तभी मैंने ये फोटो लिया था |
ये मैं हूँ मुझे भी अपने फोटो खीचने का शौक लग गया है, ये मैंने खुद खीचे है.
अपनी तारीफ़ खुद क्या करू , जैसे भी हूँ बस वैसा ही हूँ |
मैं और अर्चना , एक दूसरे की और नहीं देख रहे अलग अलग फोटो खिचवा रहे है |
मेरी स्मार्ट बेटी, जिसे देखकर सब थकन मिट जाती है , अभी आगरा मई कुछ तबियत खराब सी थी, पर अब आराम है |
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