कुछ भी लिखना कितना मुश्किल होता है , और कुछ लोग किताबे लिख देते है , या लिखना मुश्किल नहीं होता , हमारा आलकस होता है जो हमें कुछ भी नहीं करने देता , 2016 के बाद आज लिख रहा हूँ , कैसे याद आ गयी तुम्हारी , इसका कारण है , आज प्रियांशु का जन्मदिन है , प्रियांशु हमारी शादी पर 08 महीने का था , मैंने प्रियांशु के फोटो के लिए अचानक ब्लॉग खोला तो सब कुछ आँखों के सामने आ गया , कितना समय बीत गया फिर एहसास हुआ समय कभी ख़त्म नहीं होता वो चलता रहता है नदी के तरह , बस उसमे सफ़र करने वाले बदलते रहते है | कोशिश करूँगा फिर से अपनी यादो को जिन्दा रखने की |
प्रियांशु को जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनाये |
प्रियांशु तैयारी कर रहा है , IIT की कोटा में , अकेले रहकर स्टडी करना आसन नहीं होता , माँ बाप भी बच्चो के साथ उतनी ही मेहनत करते है , जितने बच्चे करते है , प्रदीप भाई और भाभी बहुत बार कोटा हो आये है , पता चलता है जब घर पर फ़ोन करता हूँ | प्रियांशु को उसके भविष्य के लिए बहुत बहुत शुभकामनाये |
प्रियांशु की कुछ फोटो शेयर कर रहा हूँ :--




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